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हिंदुत्व

Posted by VIJAYENDRA On 7/04/2009 10:08:00 AM

'हिंदुत्व' सवाल नहीं, समाधान है। 'जीव', 'जगत' और 'जगदीश' को जीने और उनके अंतर्संबंधों को समझने का नाम है 'हिंदुत्व'। 'हिंदुत्व' मात्र मनुष्य केंद्रित अवधारणा नहीं है, इसमें संपूर्ण चराचर जगत का हित समाया हुआ है। हाँ, भाजपा का कथित हिंदुत्व एक सवाल अवश्य है। हिंदू- समाज के भीतर के अंतर्विरोधों को समाप्त करने के लिए कोई संगठन या पार्टी आगे आए तो स्वागत करना चाहिए। परन्तु यदि 'हिंदुत्व' को कोई सत्ता प्राप्ति का औजार बनाये, तो दुर्भाग्य है। भाजपा के लिए हिंदू एक वोटर लिस्ट भर है।' राम-भरोसे ' पार्टी के लिए ' राम-सेतु' सिर्फ़ 'वोट-हेतू' है। हिंदू-समाज को भरमाने का यह खेल समाप्त होना चाहिए और अब तो जनता ने भी हिंदू-ड्रामा को नकार दिया है। सत्य यही है कि भाजपा न ' जिन्ना' का हो सकी ना ' जगदीश ' का ।

--Vijayendra, Group Editor, Swaraj T.V.

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Category : | edit post

8 Response to "हिंदुत्व"

  1. स्वागत है।
    देवनागरी टाइपिंग आती है तो पाठकों को रोमन में हिन्दी पढने के लिए क्यों मजबूर कर रहे है?
    हिन्दुत्त्व पर बात बढ़िया है। 'हिन्दू समाज' शब्द अजीब सा लगता है। क्यों? किसी पोस्ट में बताऊँगा।

     

  2. सही कहा आपने हिंदुत्व वो नहीं जो भाजपा अपने विचारों के द्वारा बताती है

     

  3. चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

    गुलमोहर का फूल

     


  4. आपकी साधना पूरी हो- शुभकामनाएं॥

     

  5. Dev Said,

    Bahut sundar rachana..really its awesome...

    Regards..
    DevSangeet

     

  6. हिंदी भाषा को इन्टरनेट जगत मे लोकप्रिय करने के लिए आपका साधुवाद |

     

  7. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

     

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पाश ने कहा है कि -'इस दौर की सबसे बड़ी त्रासदी होगी, सपनों का मर जाना। यह पीढ़ी सपने देखना छोड़ रही है। एक याचक की छवि बनती दिखती है। स्‍वमेव-मृगेन्‍द्रता का भाव खत्‍म हो चुका है।'
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